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सोमवार, 18 जनवरी 2016

हम बहुत कुछ है

पापा मेरा रिजल्ट आगया , देखो मैं भी अपनी चारो बड़ी बहनो से कम नही हूँ!, 
रीना हाँफती हुई आयी और पापा के पैर छूने झुकी, इतने में पापा ने उसे उठाकर गले लगाया।
गर्व से पापा का सीना चौड़ा हो गया ।
" देखो आज मेरी सभी बेटियां प्रशासनिक सेवा में चयनित हो गयी ! गदगद होते गए पत्नी सुरेखा से कहा।
परिवार में सब लोग कितना सुनाते थे, मेरी बेटियो को हीन भावना से देखते थे। बेटा नही बन सकती बेटियां सास तो हमेशा सर पर ही सवार रहती थी।
मम्मी ! मुहँ खोलो कहाँ खो गयी आप ! बिसरी बाते भूल जाओ , सेलिब्रेशन की तैयारी करो।
बेटी बेटे से कम नही माँ।
शान्ति पुरोहित

2 टिप्‍पणियां:

kuldeep thakur ने कहा…

आपने लिखा...
और हमने पढ़ा...
हम चाहते हैं कि इसे सभी पढ़ें...
इस लिये आप की रचना...
दिनांक 20/01/2016 को...
पांच लिंकों का आनंद पर लिंक की जा रही है...
आप भी आयीेगा...

Shanti Purohit ने कहा…

शुक्रिया कुलदीप ठाकुर जी