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सोमवार, 29 अक्तूबर 2012


चंचल चुप थी
एक अरसे से

पति के घर से
निकाल दी गयी हैं
पिछले ही महीने

न ही दहेज़ मिला था
न ही रूप सुंदरी थी
न कमाती थी पैसा

आज जिद पर अड़ी हैं
उसे भी खरीदनी हैं
लाल चूड़ियाँ
परसों उसका पहला
करवा चौथ जो हैं

.................................नीलिमा शर्मा —
 —

13 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

satya ko abhivyakt karti sundar abhivyakti badhai

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

आपकी उम्दा पोस्ट बुधवार (31-10-12) को चर्चा मंच पर | जरूर पधारें | सूचनार्थ |

Neelima sharrma ने कहा…

thank you shalini jee

Neelima sharrma ने कहा…

thank u so much Sahni jee . Aabhar aapka

उपासना सियाग ने कहा…

bahut badhiya nilima ji

shalini ने कहा…

सत्य का प्रभावशाली चित्रण नीलिमा जी..बहुत खूब!

Neelima sharrma ने कहा…

thank u upasna

Neelima sharrma ने कहा…

thank u shalini jee

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' ने कहा…

सटीक व् सामयिक प्रस्तुति .आभार

Virendra Kumar Sharma ने कहा…


वाह कोई नादानी सी नादानी है .औरत पे उनकी कितनी मेहरबानी है .वो सुहाग की निशानी हैं .

Neelima sharrma ने कहा…

Thank u so much Shikha jee

Neelima sharrma ने कहा…

वाह कोई नादानी सी नादानी है .औरत पे उनकी कितनी मेहरबानी है .वो सुहाग की निशानी हैं .bahut khoob .......... shukriya Virendra jee

Neelima sharrma ने कहा…

वाह कोई नादानी सी नादानी है .औरत पे उनकी कितनी मेहरबानी है .वो सुहाग की निशानी हैं .bahut khoob .......... shukriya Virendra jee