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मंगलवार, 15 दिसंबर 2015

निर्माण

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कल ही हरिया शहर से मजदूरी करके कुछ पैसा लेकर गाँव आयेगा, तो सबसे पहले टूटी झोपडी को बंधवाना है। बहू पेट से है, और जाड़ा सर पर है। पताशी कच्चा आँगन लीपते हुए मन ही मन सोच विचार कर रही थी।
तभी रामू भागता हुआ आया, " माँ! भाई को पुलिस पकड़ कर ले गयी है ।पाकिस्तान से कुछ आतंकवादी भारत की सीमा में अनधिकृत रूप से प्रवेश का गए हैं। उनहोंने हरिया को भी उन्ही में से एक समझ लिया। अब हरिया जो कमाई शहर से करके लाया था वह वकील की फीस में चली गयी । 
शान्ति पुरोहित

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