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शनिवार, 21 फ़रवरी 2015

शुक्र मना बिटिया


शुक्र मना बिटिया रानी 
Sweet : Little Girl in Gray Sweater and Flower

शुक्र मना बिटिया रानी 
लेने  दिया  हमने  जन्म तुझे ;
वरना निपटाते  कोख में ही 
क्यों बात नहीं तू  ये समझे ?
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शुक्र मना बिटिया रानी 
तेरा ब्याह किया ; दहेज़ दिया ;
तेरी खातिर तेरे बाप ने है 
अपमान का कितना गरल पिया ! 
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शुक्र मना बिटिया रानी 
पतिदेव ने केवल पीट दिया ;
कितने पतियों ने पत्नी को 
निज अहम् की आग में झोंक दिया .
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शुक्र मना बिटिया रानी    

तू मरी सुहागन दुनिया में  ;
जीवन भर किया ज़लील  तुझे  
पर श्राद्ध किया बड़ी श्रद्धा से !!!

                                       SHIKHA KAUSHIK 


7 टिप्‍पणियां:

Shalini Kaushik ने कहा…

very right .

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

सार्थक प्रस्तुति।
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (23-02-2015) को "महकें सदा चाहत के फूल" (चर्चा अंक-1898) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

anjana dayal ने कहा…

marmik par satya!

jyoti dehliwal ने कहा…

बेटी को हर बात के लिए शुक्र ही मनाना पड़ता है तभी वो इस निर्मम दुनिया में जी पाती है। बढ़िया प्रस्तुति।

GathaEditor Onlinegatha ने कहा…

Excellent post
Publish free Ebooks, Poem, Story

Pratibha Verma ने कहा…

aur kitna shukra manaye bitiya raani!!!!

KAHKASHAN KHAN ने कहा…

बहुत बहुत सुंदर रचना प्रस्‍तुत की है आपने। इसके लिए धन्‍यवाद।