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शनिवार, 22 मार्च 2014

शहीद-ए-आजम को सलाम



जो लुटा देते जान अपनी वतन के लिए

जो बहा देते खून अपना  वतन के लिए

उन शहीदों को ....खुशनसीबों को

आज करता है हिंदुस्तान

सलाम-सलाम-सलाम !
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इस धरती के लाल हैं वे

'भारत माँ के दुलारे '

कौन भुला सकता है उनको

जगमगाते सितारे

उन जवानों को

उन दीवानों को

आज करता है हिंदुस्तान

सलाम-सलाम-सलाम .
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शत्रु के आगे न झुकते

बढ़ते कदम नहीं रुकते

वे रण में पीछे न हटते

माँ की आन पे मिटते

उन सपूतों को

देवदूतों को

आज करता है हिंदुस्तान

सलाम- सलाम -सलाम

SHIKHA KAUSHIK 'NUTAN '

 

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