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बुधवार, 18 जुलाई 2018

मन का भूगोल !!!

जिंदगी के जोड़ घटाने में
रिश्तों का गणित
अक्सर जरूरत के वक़्त
जाने क्यों शून्य हो जाता है
और मन का भूगोल
सब समझ कर भी
कुछ नया खोजने लग जाता है।

1 टिप्पणी:

shikha kaushik ने कहा…

vastav me anokha hi hai is man ka bhoogol .aabhar sundar bhavabhivyakti hetu .