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शनिवार, 14 जून 2014

HAPPY FATHER'S DAY



मेरे  वालिद 
ग़मों को ठोकरें....मेरे वालिद ने अपना नाम दिया
ग़मों को ठोकरें मिटटी में मिला ही देती ,
मेरे वालिद ने आगे बढ़ के मुझे थाम लिया .
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मुझे वजूद मिला एक नयी पहचान मिली ,
मेरे वालिद ने मुझे जबसे अपना नाम दिया .
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मेरी नादानियों पर सख्त हो डांटा मुझको;
मेरे वालिद ने हरेक फ़र्ज़ को अंजाम दिया .
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अपनी मजबूरियों को दिल में छुपाकर रखा ;
मेरे वालिद ने रोज़ ऐसा इम्तिहान दिया .
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खुदा का शुक्र है जो मुझपे की रहमत ऐसी ;
मेरे वालिद के दिल में मेरे लिए प्यार दिया .

                                                          शिखा कौशिक 'नूतन ‘






1 टिप्पणी:

Shalini Kaushik ने कहा…


har beti ke man kee baat ko sundar shabd diye hain aapne .thanks a lot.