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मंगलवार, 16 अप्रैल 2013

मेरे यू.पी.की बिजली नखरे दिखलाती है !

       




आती है देर से पर छम से जाती है ,
मेरे  यू.पी.की बिजली नखरे दिखलाती है !


इसके बिन रोता पंखा और बल्ब के आंसू बहते ,
टी.वी.-फ्रिज दोनों ही चुप रहकर ज़ुल्म हैं सहते ,

झटके पर झटके देकर बहुत सताती है !
मेरे यू.पी.की बिजली नखरे दिखलाती !



इसकी ये आँख मिचौली दम सबके घोटेगी ,
ये नहीं बताकर जाती अब कब ये लौटेगी ,
इसकी राह तकते-तकते आँखें दुःख जाती हैं !
मेरे यू.पी.की बिजली नखरे दिखलाती है !


इसके न आने पर गुस्सा आ जाता है ,
उतरे घरवालो पर जो पल्ले पड़ जाता है ,
यू.पी.के घर-घर में झगडे करवाती है !
मेरे यू.पी.की बिजली नखरे दिखलाती है !

शिखा कौशिक 'नूतन'






11 टिप्‍पणियां:

ऋता शेखर मधु ने कहा…

सुनने में बहुत मजा आया...यह आपकी आवाज है?
बिजली का तो अपने शहर में भी यही हाल है|

शालिनी कौशिक ने कहा…

.very nice voice .रोचक प्रस्तुति आभार नवसंवत्सर की बहुत बहुत शुभकामनायें दादा साहेब फाल्के और भारत रत्न :राजनीतिक हस्तक्षेप बंद हो . .महिला ब्लोगर्स के लिए एक नयी सौगात आज ही जुड़ें WOMAN ABOUT MANजाने संविधान में कैसे है संपत्ति का अधिकार-1

आनन्द विक्रम त्रिपाठी ने कहा…

बहुत बढियां........सुंदर ,बहुतों के दुःख को आपने बयाँ किया ....उन सभी की तरफ से आपका इस रचना के लिए आभार |

Ranjana Verma ने कहा…

सही कहा अपने बिजली बहुत नखरे दिखा रही आज कल......

Ranjana Verma ने कहा…

सही कहा अपने बिजली बहुत नखरे दिखा रही आज कल......

Reena Pant ने कहा…

अगर मुंबई शहरवालों ने भी बिजली की कद्र न की तो वह दिन दूर नहीं जब यहाँ का हाल भी वहां जैसा होगा,सुंदर कविता ....

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' ने कहा…


टिप्पणी हेतु हार्दिक आभार नवसंवत्सर की बहुत बहुत शुभकामनायें हम हिंदी चिट्ठाकार हैं

BHARTIY NARI
PLEASE VISIT .

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' ने कहा…

@writa ji -this is my voice .thanks to appreciate me .

Navin Kumar ने कहा…

Bahut badhiya likhte hain Aap

तुषार राज रस्तोगी ने कहा…

सच्ची बिजली की किल्लत उत्तर प्रदेश में अच्छी खासी है | बाकि कविता तो मज़ेदार है ही | आभार

कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

Anita ने कहा…

वाह ! मजेदार ...