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बुधवार, 9 जनवरी 2013

रेप इण्डिया में नहीं भारत में ही होते हैं !

रेप इण्डिया में नहीं भारत में ही होते हैं !
 Is crime against women an issue of 'Bharat' versus 'India'?Mohan Bhagwat
भागवत जी ने जो कहा वो बिना सोचे समझे कहा है यदि वे पाश्चात्य संस्कृति और भारतीय संस्कृति का गूढ़ अध्ययन कर बयान देते तो ऐसा बयान कभी न देते कि रेप  भारत में नहीं इण्डिया में हो रहे हैं .पाश्चात्य संस्कृति के अनुसरनकर्ता तो आज लिव-इन जैसे संबधों को बढ़ावा दे रहे हैं जहाँ न कोई बंधन है ,न जिम्मेदारी .जितने दिन चाहो मौज मनाओ और अलग हो जाओ और इन संबंधों से उत्त्पन्न संतान को सड़क पर कुत्तों को नोचने के लिए छोड़ दो .इस वर्ग के लोग विवाह जैसी संस्था में विश्वास ही नहीं करते और एक से अधिक पुरुष/स्त्री शारीरिक संबंधों में इन्हें कुछ गलत नज़र नहीं आता .रेप करता है वो वर्ग जो भारतीय संस्कृति के द्वारा विवाह पूर्व 
शारीरिक संबंधों को अवैध  व् विवाह के पश्चात् एक स्त्री से संम्बंध रखने पर जोर देता है और नैतिक रूप से कमजोर अपनी इन्द्रियों को वश में न रख पाने वाला पुरुष ये कुकृत्य कर डालता है .भागवत जी को अपने बयान देते समय बहुत कुछ सोच लेना चाहिए ऐसी मेरी सलाह है उन्हें !
                           जय हिन्द ! जय भारत !
                      शिखा कौशिक 'नूतन '

1 टिप्पणी:

Rajesh Kumari ने कहा…

आपने सही कहा सही समझा जिसमे अपनी इन्द्रियों को वश में रखने की ताकत नहीं वो पागल कुत्ते के सामान है उसे फांसी या गोली मार देनी चाहिए