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शनिवार, 20 मई 2017

माँ की नज़रों से ....

माँ की फूंक
चोट पे मरहम
माँ के बोल
मुश्किल समय में दुआ
माँ की गोद
बीमारी में दवा
माँ का हाथ
पीठ पे हौसला
बन जाता है
ये जादू नहीँ तो क्या है
परवाह और फ़िक्र का
माँ की नज़रों से
बच पाना मुश्किल ही नहीँ
नामुमकिन भी है 😊

2 टिप्‍पणियां:

Shikha kaushik ने कहा…

बहुत सुंदर भावों से युक्त प्रस्तुति. हार्दिक बधाई.

Shikha kaushik ने कहा…

बहुत सुंदर भावों से युक्त प्रस्तुति. हार्दिक बधाई.