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शनिवार, 14 मार्च 2015

औरत बेचीं जाती है

Indian_bride : Portrait of young beautiful  woman in traditional indian costume
नोबल विजेता कैलाश सत्यार्थी कहते हैं कि बेटियां जानवरों की तरह बिकती हैं। उन्हें 5 हजार में खरीदकर एक लाख में बेचा जाता है। देशभर में भीख मांगने वाले बच्चों के पीछे भी बड़े गिरोह का हाथ है।


तोल तराजू  इस  दुनिया  में औरत बेचीं जाती है ,
आग लगे सारी  दुनिया में औरत बेचीजाती है !
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गोरी- काली,लंगड़ी -लूली ,लम्बी- छोटी कैसी भी ,
तय कीमत पर बाज़ारों में औरत  बेची जाती है !
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हाय गरीबी तेरे कारण बापों ने बेची बिटिया  ,
उस ही घर में जलता चूल्हा जिसमे औरत बेची जाती है !
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नेता अभिनेता व्यापारी सब को होता सप्लाई ,
माल बनाकर कोठी बंगलों में औरत बेची जाती है !
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डूब मरे 'नूतन' चुल्लू भर पानी में वे मर्द सभी ,
जिनके रहते इस दुनिया में औरत बेची जाती है !


शिखा कौशिक  'नूतन' 

2 टिप्‍पणियां:

Shalini Kaushik ने कहा…

bahut bada sach samne layi hain aap apne khoobsurat shabdon me .thanks

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (16-03-2015) को "जाड़ा कब तक है..." (चर्चा अंक - 1919) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'