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बुधवार, 10 जुलाई 2013

माँ को मेरा पत्र

(एक बार मात्र दिवस पर उत्तराखंड महिला एसोसिएशन की और

 से हुई प्रतियोगिता में लिखा माँ को मेरा पत्र) 

 सेवा में,
मेरी प्यारी माँ प्रणाम
‘कैसे लिखूं ख़त तुझे माँ दर्द की सियाही से 
पीर बन के बह जाएगा हर शब्द रोशनाई से’ 
कैसी हूँ में यही जानने को उत्सुक होंगी ना माँ तुम? जानती हूँ मैं कि तुम नहीं हो फिर भी आँख भर आती है तो लगता है मेरे अश्क पोंछने के लिए तुम यहीं कहीं हो।कल गर्मियों के कपड़े निकाल रही थी बोक्स से कि अचानक वो गुलाबी चुनरी मेरे हाथ में गई जो तुमने मेरी शादी के वक़्त मेरे लिए बनाई थी और दुल्हन बन के उसको साड़ी के ऊपर से औढ़  कर मैं ससुराल गई थी।तुमने कितनी मेहनत से उसमे सितारों का जाल बनाया था पिताजी कितना कहते रहे बाजार से लगवा लो तुम्हारी आँखे ख़राब हो जायेंगी तुमने एक ना सुनी और जब तब सितारे टाँकने  बैठ जाती थी आज समझ में आया कि हर सितारा टांकते वक़्त तुम मुस्कुराती क्यों रहती थी ,तुम हर सितारे के साथ मेरी ख़ुशी और अपना आशीर्वाद भी टाँकती  थी,आज मुझे उस चुनरी में सितारों भरे आकाश का भान होता है माँ जहां से हर सितारा मेरे आँगन में खुशियाँ बरसाता है आशीष देता है।उसवक्त आपको धन्यवाद भी नहीं कह पाई अगर कहती तो तुम स्वीकार भी नहीं करती आज वो धन्यवाद तुमको देना चाहती हूँ माँ।
अब खुश हो ना मेरा हाल जानकार ?आप जिन्दगी में हमेशा ही मुझे कुछ कुछ् देती रही आज भी दे रही हो माँ आपकी  यादों की तिजौरी जो मैंने अपने पास रख ली है आपके जाने बाद आपका सब सामान सब ने बाँट लिया मैं बस दिल में  ये यादों की तिजौरी       
ही लेकर चली आई जिसे रोज खोलती हूँ और अपनी पलकों से चूम कर बंद कर देती हूँ इस बेश्कीमती दौलत को मुझसे कोई नहीं छीन सकता ।बस माँ अब पत्र  बंद करती हूँ अपना ख्याल रखना ,पर माँ इस पत्र  पर तुम्हारा पता क्या लिखूं ? धत्त मैं भी कितनी बेवकूफ हूँ भूल गई हूँ की तुम तो मेरे पास ही बैठ कर मेरा हर शब्द पढ़ रही हो और अब मुस्कुरा कर जा भी रही हो तभी तो देखो ना वो सुन्दर तितली उस फूल से प्रेम और ख़ुशी  की महक  लेकर कितनी इठलाती हुई उडी जा रही है गगन की  ओर  बाय माँ! शत शत नमन !            
‘तेरे होने का भान होता हवा के हर झोंके से 
मुट्ठी से पकड़ लेती आँचल समझ के धोके से’ 

                                                            आपकी अपनी बेटी राजेश कुमारी 

2 टिप्‍पणियां:

Aditya Tikku ने कहा…

excellent***

shikha kaushik ने कहा…

every word expresses your love to your mother .really touch my heart .thanks to share this letter here rajesh ji .