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मंगलवार, 14 मई 2013

एक हज़ार का नोट -a short story



One Thousand Rupee Indian Note Stock Photography - Image: 5849772

सत्ताधारी पार्टी प्रमुख के सांसद पुत्र अपने कारों के काफिले के साथ अपने संसदीय क्षेत्र  के दौरे पर थे . एक गाँव से गुजरते हुए उन्होंने एक दस वर्षीय बालक को अख़बार बेचते हुए देखा .उन्होंने उसे पास आने का संकेत किया .बालक अख़बार की एक प्रति लेकर उनकी ओर तेज़ी से दौड़कर पहुँच गया .और उन्हें अख़बार की प्रति पकड़ा दी .अख़बार लेकर मुस्कुराते  हुए पार्टी प्रमुख के सांसद पुत्र ने अपनी जेब से एक हज़ार का नोट निकाल कर उसकी ओर बढ़ा दिया .इस पर वह बालक मुस्कुराते हुए बोला-''नेता जी ..ठीक है आपके शासन में महगाई ने  गरीब आदमी की कमर तोड़ दी है .हमारा पूरा परिवार दिन भर मेहनत करके भी दो वक्त की रोटी नहीं जुटा पाता .माँ-बापू रोज़ जहर खाकर मरने के बारे में सोचते हैं .मैं कड़ी धूप ,बारिश , कातिल ठंड में नंगे बदन व् नंगे पैर दिन भर मेहनत करता हूँ पर फिर भी आपकी जानकारी के लिए बता दूं  कि भारत में अभी अख़बार की एक प्रति की कीमत एक हज़ार रूपये नहीं है .'' यह कहकर वो नोट बिना लिए ही तेज़ी से अपने गंतव्य  की ओर दौड़ पड़ा और सत्ताधारी पार्टी प्रमुख के सांसद पुत्र ने एक हज़ार के नोट को मुट्ठी  में भींच लिया !

   शिखा कौशिक 'नूतन '

3 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा कल बुधवार (15-05-2013) के "आपके् लिंक आपके शब्द..." (चर्चा मंच-1245) पर भी होगी!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

कालीपद प्रसाद ने कहा…


बढ़िया प्रस्तुति !
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Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सटीक व्यंग...