समर्थक

मंगलवार, 2 जून 2015

मैं नहीं लिखता कोई मुझसे लिखाता है !

Image result for free images of writing poem

मैं नहीं लिखता ; कोई मुझसे लिखाता है !

कौन है जो भाव बन ; उर में समाता है ! .

...................................
कौंध जाती बुद्धि- नभ में विचार -श्रृंखला दामिनी ,

तब रची जाती है कोई रम्य-रचना कामिनी ,

प्रेरणा बन कर कोई ये सब कराता है !

मैं नहीं लिखता ; कोई मुझसे लिखता है !

 .........................................................

जब कलम धागा बनी ; शब्द-मोती को पिरोती ,

कैसे भाव व्यक्त हो ? स्वयं ही शब्द छाँट लेती ,

कौन है जो शब्दाहार यूँ बनाता है ?

मैं नहीं लिखता कोई मुझसे लिखाता है !

............................................

सन्देश-प्रेषित कर रहा वो अदृश्य कौन ?

हम अबोध क्या कहें ! जब वो स्वयं है मौन !

वो कवि से काव्य अनुपम रचाता है !

मैं नहीं लिखता कोई मुझसे लिखाता है !

 शिखा कौशिक 'नूतन'

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बृहस्पतिवार (04-06-2015) को "हम भारतीयों का डी एन ए - दिल का अजीब रिश्ता" (चर्चा अंक-1996) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक